सोमवार, 4 अप्रैल 2016

Tomb of Safdarjung : New Delhi

सफदरजंग का मकबरा :  नई दिल्ली

एक गाना याद आता है ! दिल्ली की सर्दी ........! लेकिन कोई दिल्ली की गर्मी पर भी एक गाना क्यों नहीं लिखता ! दिल्ली की गर्मी बहुत तेज होती है , 3 अप्रैल में भी तापमान 39 डिग्री का आंकड़ा छूने को तैयार बैठा है ! सर पर अंगोछा ( कुछ लोग गमछा भी कहते हैं ) बाँधा और इसी दिल्ली चमचमाती गर्मी का स्वाद लेने सफदरजंग का मकबरा पहुँच गया ! गर्मी में दो तरह का स्वाद आता है , एक ठंडा और दूसरा नमकीन ! ठण्डा पानी पीकर और नमकीन स्वाद तब आता है जब पसीना कभी कभी होंठों तक आ जाता है ! इस तपती गर्मी में मेट्रो बड़ा साथ देती है ! सफदर जंग का मकबरा येलो लाइन के जोरबाग मेट्रो स्टेशन के बिल्कुल नजदीक है ! गेट नंबर 2 से बाहर निकलिए , राजीव गांधी भवन आएगा  और उससे बस 10 कदम आगे ही सफदरजंग का परिक्षेत्र शुरू हो जाता है !

पहले यहाँ अंदर जाने का टिकट केवल 5 रुपया था जो अब 1 अप्रैल से 15 रुपया हो गया है , 15 साल तक के बच्चों का टिकट नहीं है ! लेकिन अंदर दिल्ली की " कल्चर " जरूर देखने को मिलेगी ! समझ गए होंगे ? समझ जाइये !

अवध के सूबेदार मिर्ज़ा मुकीम अबुल मंसूर खान जिन्हें सफदरजंग कहा जाता है , उनकी याद में इस मकबरे का निर्माण 1754 ईस्वी में हुआ था ! इसे उनके पुत्र नवाब शुजादौल्ला ने बनवाया था ! अगर आप इसे गौर से देखें तो ये ताजमहल की नक़ल लगती है ! असली वाला ताजमहल सफ़ेद संगमरमर  से बनाया गया है तो ये लाल पत्थरों से ! दोनों में चार कोनों पर ऊँची ऊँची मीनार बनी हुई है ! लेकिन इस मकबरे का प्रवेश द्वार दो मंजिला है और आकर्षक लगता है ! मुख्य मकबरा भी दो मंजिल का है लेकिन ऊपर कोई जाने ही नहीं देता ! एक कोने में एक और गुम्बद बना है लेकिन मालूम नहीं क्यों है ? और किसका है ?

ये जो मुख्य मकबरा है इसी में जंगल महल , मोती महल , बादशाह पसंद नाम से गलियारे भी बने हुए हैं लेकिन कौन सा गलियारा वास्तव में जंगल महल , मोती महल या  बादशाह पसंद है , ये कोई इतिहासकार जोड़ घटाव करके बताये तो कुछ समझ आये !

आइये फोटो देखते हैं : 







प्रवेश द्वार सुन्दर है , है न ? Entrance is beautiful 

प्रवेश द्वार सुन्दर है , है न ? Entrance is beautiful

















एक कुआँ भी है उस ज़माने का , अब ढक दिया है 







गज़ब कलाकारी है !!

गज़ब कलाकारी है !!

इसमें दफ़न हैं सफदरजंग साब

इसमें दफ़न हैं सफदरजंग साब



छत पर भी शानदार कलाकारी





















 जल्दी ही मिलेंगे  एक और यात्रा वृतांत के साथ !!





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